इस्लामाबाद भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन को उनके अदम्य शौर्य और साहस के लिए मिले वीर चक्र पर पाकिस्तान को मिर्ची लग गई है। पाकिस्तान की मीडिया में भी ग्रुप कैप्टन अभिनंदन को मिले तीसरे सबसे बड़े वीरता पदक की चर्चा हो रही है। अभिनंदन ने 2019 में पाकिस्तान के साथ हवाई संघर्ष के दौरान दुश्मन के एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। इस दौरान उनके मिग-21 बाइसन को एक मिसाइल लग गई, जिससे उन्हें पाकिस्तान में तीन दिन तक बंधक बनकर रहना पड़ा था। पाकिस्तानी मीडिया में छाए अभिनंदन पाकिस्तानी अखबार डॉन ने लिखा कि भारतीय वायु सेना (IAF) के पायलट अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र से सम्मानित किया गया है। वीर चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र के बाद तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है। अभिनंदन को फरवरी 2019 में एक पाकिस्तानी F-16 विमान को मार गिराने के दौरान विशिष्ट साहस दिखाने के लिए सम्मान दिया गया है। हालांकि, भारत के इस दावे को पाकिस्तान ने खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं, सैन्य, स्वतंत्र पर्यवेक्षकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी इसे खारिज किया था। शेरी रहमान को याद आई अभिनंदन की 'चाय' पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की उपाध्यक्ष शेरी रहमान ने ट्वीट कर व्यंग किया कि "क्या यह सच है? पाकिस्तानी हिरासत में चाय पीने के लिए पुरस्कार? इमरान के डिजिटल मीडिया सलाहकार ने भी कसा तंज प्रधानमंत्री इमरान खान के डिजिटल मीडिया सलाहकार अर्सलान खालिद ने तो एक कदम आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय मीडिया पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि "शानदार, वास्तव में, मैं अभिनंदन के लिए महसूस करता हूं। सिर्फ पीएम मोदी और भारतीय मीडिया के हार और शर्मिंदगी को स्वीकार करने से इनकार के कारण, अभिनंदन को हर दूसरे महीने पूरे एपिसोड की याद दिलाई जाती है। अब ग्रुप कैप्टन हैं अभिनंदन विंग कमांडर अभिनंदन कुमार अब ग्रुप कैप्टन हो चुके हैं। भारतीय सेना में ग्रुप कैप्टन की रैंक कर्नल के बराबर है। जब अभिनंदन ने पाकिस्तानी फाइटर प्लेन को मार गिराया था, उस समय वह 51 स्क्वाड्रन का हिस्सा थे। वह श्रीनगर के करीब अविंतापुरा एयर बेस पर तैनात थे। ग्रुप कैप्टन अभिनंदन के पिता पिता भी वायुसेना में ऑफिसर थे और अब रिटायर हो चुके हैं।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3nHJK9a
via IFTTT
No comments:
Post a Comment