ब्रासीलिया ब्राजील में करीब 7 करोड़ साल पुराने डायनासोर का एक कंकाल मिला है। इस डायनासोर के दांत नहीं होते थे और वह दो पैरों से चलता था। शोधकर्ताओं ने इस खोज को बेहद दुर्लभ खोज करार दिया है। इस तरह के डायनासोर बहुत छोटे होते थे और उनको थेरोपॉड कहा जाता था। इनकी ऊंचाई करीब 3 फुट और 80 सेंटीमीटर होती थी। इस नई प्रजाति का नाम बेर्थासौरा लिओपोलडाइनाई है। इन डायनासोर का मुंह चोंच के आकार का होता था और उसमें दांत नहीं होते थे। ब्राजील के नैशनल म्यूजियम ने एक बयान जारी करके कहा, 'यह बहुत ही चौकाने वाला था।' उन्होंने अपनी खोज को जर्नल नेचर में प्रकाशित कराया है। उन्होंने कहा कि यह ब्राजील में क्रिटेशस काल के अब तक के डायनासोर के सबसे पूर्ण कंकाल की खोज हुई है। शोधकर्ता जिओवाने अल्वेस सोउजा ने कहा कि बिना दांतों के हिस्से ने यह संदेह पैदा कर दिया है कि वह डायनासोर क्या खाता होगा। चीन में इसी प्रजाति का 18 करोड़ साल पुराना कंकाल मिला शोधकर्ता शोउजा ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि वह डायनासोर मांस नहीं खाता होगा। कई पक्षी जैसे बाज आदि अपनी चोंच से मांस खाते हैं। इस बात की ज्यादा संभावना है कि वह एक सर्वाहारी होगा जो कठिन परिस्थितियों में रहता होगा जहां उसे हर वह चीज खाना होता होगा जो वह खा सकता था। इस जीवाश्म बन चुके कंकाल को साल 2011 से 2014 के बीच में पाया गया था। अब इसकी जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरी तरह से डायनासोर की नई प्रजाति थी जो 7 से लेकर 8 करोड़ साल के बीच में ब्राजील की धरती पर रहती थी। इस प्रजाति का नाम Bertha Lutz रखा गया था जो ब्राजील की महिला वैज्ञानिक थीं। वहीं चीन के यूनान प्रांत में भी इसी प्रजाति का 18 करोड़ साल पुराना कंकाल मिला है। इस कंकाल का 70 फीसदी हिस्सा बचा हुआ है जो दुर्लभ है।
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