लंदनबीते अक्टूबर में रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस में आयोजित एक समारोह में लंदन ने रानी को बकाया 'किराए' का भुगतान किया। यह समारोह वैसा ही था जैसा आठ शताब्दियों से चलता आ रहा है। शहर ने किराए के रूप में एक चाकू, एक कुल्हाड़ी, छह घोड़े की नाल और 61 कीलें बारबरा जेनेट फॉनटेन को सौंपी। वह क्वीन की रिमेम्बरेंस हैं जो ब्रिटेन का सबसे पुराना न्यायिक पद है। यह पद 12वीं शताब्दी में बनाया गया था जिसका काम क्वीन पर बकाया किराए की वसूली है। इस मामले में रिमेम्बरेंस ने संपत्ति के दो टुकड़ों पर बहुत लंबे समय से बाकी किराए की वसूली की है। इसमें एक मामला 1235 और दूसरा 1211 का है। हर साल किराया वसूलने के इस समारोह में क्वीन की ओर से संपत्तियों पर बकाया किराया लिया जाता है। कोई नहीं जानता कि ये दोनों जमीनें अब कहां हैं लेकिन सैकड़ों सालों से शहर इन पर लगान चुका रहा है। हालांकि किराए की दर में कोई बदलाव नहीं आया है और सैकड़ों साल से वही चीजें दी जा रही हैं। बिना किसी वजह के किराया दे रहा लंदन'द सेरेमनी ऑफ क्विट रेंट्स' अच्छी तरह से प्रचारित नहीं किया और न ही कभी इसके बारे में ज्यादा बात की गई। न्यूज सर्विसेज ने भी इसे सालों में एक-दो बार ही कवर किया। यह हर साल आमतौर पर अक्टूबर में आयोजित की जाती है। हर साल शहर और क्राउन इस प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं लेकिन इसके लिए उनके पास कोई खास वजह नहीं है, सिवाय इसके कि वह यह कई शताब्दियों से करते आ रहे हैं। कई साल पहले ही खो चुकी है प्रॉपर्टीप्राचीन किराए का भुगतान भूमि के एक टुकड़े के लिए किया जाता है जो लंदन से दूर श्रॉपशायर काउंटी में हो सकती है। इसे 'द मूर्स' के रूप में जाना जाता है और इसका सटीक स्थान बहुत पहले ही खो गया था। हालांकि यूपीआई ने 1980 में रिपोर्ट किया था कि लंदन के तत्कालीन मेयर पीटर गैड्सडेन ने क्षेत्र में जमीन का एक टुकड़ा चुना और इसे 'मूर्स' घोषित कर दिया। किराए के रूप में कृषि में इस्तेमाल होने वाला चाकू जैसा एक उपकरण क्राउन को दिया जाता है।
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