वॉशिंगटन अंटार्कटिका में शनिवार को साल के एकमात्र पूर्ण सूर्य ग्रहण का अद्भुत और दुर्लभ नजारा देखने को मिला। ये दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में सिर्फ आंशिक रूप से या दिखाई नहीं दिया, तो अंटार्कटिका में किसने इसे देखा होगा? इस नजारे को देखने वालों में सबसे बड़ा समूह दक्षिणी महाद्वीप के पेंग्विन का था जिनकी आबादी यहां लाखों में है। पूर्ण सूर्य ग्रहण दुर्लभ इसलिए होता है क्योंकि इस दौरान पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य एकदम सीधी रेखा में आ जाते हैं। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के मुताबिक 2:44 AM EST (भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 1 बजे) बजे सूर्य ग्रहण हुआ था। इस दौरान चंद्रमा की परछाईं ने 1 मिनट 54 सेकंड तक पृथ्वी को ढके रखा। स्पेस एजेंसी ने बताया कि जिन लोगों को सूर्य ग्रहण का नजारा देखने को मिला वह उस वक्त चंद्रमा की परछाईं के केंद्र में मौजूद थे। जैसे ही चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आया, आसमान में अंधेरा छा गया। अंटार्कटिका में मौजूद हो सकते हैं 5,500 लोगइस नजारे को देखने वाले भाग्यशाली लोग सूर्य के बाहरी वातावरण, जिसे कोरोना कहा जाता है, को भी देख सकते थे। फिलहाल अंटार्कटिका में गर्मियां चल रही हैं और इस दौरान सूर्य हमेशा आसमान में चमकता रहता है। ऐसे में इस महाद्वीप पर अनुमानित 4,400 से 5,500 लोग शोध के लिए मौजूद हो सकते हैं। लेकिन इंसानों से कहीं ज्यादा पक्षी हर वक्त दुनिया के सबसे ठंडे महाद्वीप के तल पर रहते हैं। दो करोड़ पेंग्विन का घर है अंटार्कटिकाब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वेक्षण के अनुसार, पेंग्विन के अनुमानित 2 करोड़ प्रजनन जोड़े अंटार्कटिका में रहते हैं। पेंग्विन साल के किसी भी मौसम और किसी भी समय ऐसे नजारों को देख सकते हैं, फिर चाहें वह सर्दियों का -60 डिग्री सेल्सियस का तापमान क्यों न हो। पेंग्विन ने भले जी भरकर इस नजारे को देखा हो लेकिन अंटार्कटिका से बाहर कई देश इसे नहीं देख पाए। हालांकि कई देशों में आंशिक सूर्यग्रहण दिखाई दिया था।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3DjuMuo
via IFTTT
No comments:
Post a Comment