Saturday, 30 January 2021

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लंदन उत्कृष्ट बुद्धिमता (आईक्यू) वाले बच्चों के मेनसा सदस्यता क्लब में चार साल की एक ब्रिटिश सिख लड़की को शामिल किया गया है। अपने परिवार के साथ बर्मिंघम में रहती है। उसने बहुत कम उम्र से ही सीखने की असाधारण क्षमता प्रदर्शित की और वह अंग्रेजी वर्णमाला के सभी अक्षरों को 14 महीने की उम्र तक पहचानने लग गई थी। 145 आईक्यू स्कोर किया हासिल दयाल कौर ने मेनसा जांच में शामिल होने के लिए उत्सुकता जाहिर की और कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के चलते इसमें ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुई तथा 145 आईक्यू स्कोर हासिल किया। इस उपलब्धि ने उसे ब्रिटेन की उस शीर्ष एक प्रतिशत आबादी वाली श्रेणी में शामिल कर दिया, जिन्हें प्रकृति का यह असाधारण वरदान प्राप्त है। ब्रिटिश अधिकारी ने जताई खुशी ब्रिटिश मेनसा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन स्टीवेंज़ ने कहा, ‘‘हम दयाल (कौर) का मेनस में स्वागत कर खुश हैं, जहां वह करीब 2000 जूनियर और किशोर सदस्यों के समुदाय में शामिल की गई। शिक्षक हैं दयाल कौर के पिता दयाल कौर के पिता सरबजीत सिंह शिक्षक हैं। उन्होंने कहा कि अब आधिकारिक रूप से यह साबित हो गया है कि वह अपनी उम्र की तुलना में कहीं अधिक मेधावी है। अब हमारे लिए यह महसूस करना स्वाभाविक है कि हमारी बच्ची विशेष है, लेकिन इस मामले में यह वास्तविक सबूत है कि वह लाखों में एक है। ’’


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इस्लामाबाद कोरोना वायरस से बेहाल पाकिस्तान अब वैक्सीन के लिए भारत समेत दुनिया के कई देशों से दया की उम्मीद लगाए हुए है। पाकिस्तान के सदाबहार दोस्त चीन ने तो सिनोवेक वैक्सीन को अभी तत्काल देने से मना कर दिया है। माना जा रहा है कि फरवरी के पहले सप्ताह में चीन पाकिस्तान को कोरोना वैक्सीन भेज सकता है। इस बीच कोरोना के नए स्ट्रेन से डरे ने ब्रिटेन सहित छह देशों पर यात्रा प्रतिबंध 28 फरवरी तक बढ़ा दिया है। इन देशों के लोगों के प्रवेश पर पाकिस्तान में प्रतिबंध पाकिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन, ब्राजील, आयरलैंड, पुर्तगाल और नीदरलैंड से संबंधित लोग 28 फरवरी तक यात्रा प्रतिबंधों से प्रभावित होंगे। हालांकि, इसने कहा कि यदि देश का कोविड-19 संबंधी शीर्ष निकाय ‘नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर’ इन देशों से संबंधित लोगों को आने की अनुमति देता है तो वे देश में प्रवेश कर पाएंगे। 28 फरवरी तक रोक बढ़ी पाकिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण द्वारा दिसंबर और जनवरी में जारी की गईं मानक संचालन प्रक्रियाएं भी 28 फरवरी तक विस्तारित कर दी गई हैं। देश में महामारी के कुल मामलों की संख्या 5,43,214 हो गई है और इससे अब तक 11,623 लोगों की मौत हो चुकी है। जनवरी खत्म हो चुकी लेकिन चीन ने नहीं भेजी वैक्सीन चीन ने जनवरी के अंत तक पाकिस्तान को कोविड-19 टीके की 5,00,000 खुराक मुफ्त में उपलब्ध कराने का वादा किया है। महीने में मात्र एक दिन बचा हुआ है लेकिन चीनी कोरोना वैक्सीन का पाकिस्तान में कोई पता नहीं है। इससे पहले पाकिस्तान ने तीन टीकों को मंजूरी दी थी, जिनमें ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रा-जेनेका टीका, चीन विकसित एवं चीनी कंपनी सीनोफार्म निर्मित टीका और रूस विकसित स्पूतनिक V शामिल है।


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वॉशिंगटन अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही तालिबान के साथ हुआ शांति समझौता खतरे में पड़ गया है। बाइडन प्रशासन इस बात पर खास नजर बनाए हुए है कि तालिबान शांति समझौतों की शर्तों का किस हद तक पालन कर रहा है। अगर अमेरिका को ऐसा लगता है कि तालिबान अब भी उसके सैनिकों को निशाना बनाने की कोशिश में है या वह अफगानिस्तान में हिंसा को बढ़ा रहा है तो संभव है कि शांति समझौता खत्म कर दिया जाए। अफगानिस्तान में शांति के लिए बातचीत का समर्थन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने शुक्रवार को कहा कि बाइडन प्रशासन पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन के अफगानिस्तान में पक्षकारों के बीच वार्ता के फैसले का समर्थन करता है। ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल फरवरी में दोहा में तालिबान के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। इस समझौते में विद्रोही समूहों से सुरक्षा की गारंटी के बदले अफगानिस्तान से अमेरिकी सुरक्षा बलों की वापसी की योजना तैयार की गई थी। अफगानिस्तान में अब भी 2500 अमेरिकी सैनिक मौजूद करार के तहत अमेरिका 14 महीनों में अपने 12 हजार सैनिकों को वापस बुलाने के लिये प्रतिबद्ध था। वहां अभी सिर्फ 2500 अमेरिकी सैनिक बचे हैं। समझौते में तालिबान ने प्रतिबद्धता जताई थी कि वह अमेरिका या उसके सहयोगियों के लिए खतरा बनने वाली गतिविधियों पर लगाम लगाएगा जिनमें अलकायदा समेत अन्य समूहों को आतंकियों की भर्ती करने, उन्हें प्रशिक्षित करने और आतंकी गतिविधियों के लिये धन जुटाने में अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल न करने देना भी शामिल था। सैनिकों की वापसी पर अभी भी कोई स्पष्ट आदेश नहीं सुलिवन ने कहा कि उस संदर्भ में, हम अपने बलों के तौर तरीकों व आगे बढ़ने की अपनी कूटनीतिक रणनीति के बारे में फैसला लेंगे।” संसद द्वारा वित्त पोषित थिंकटैंक यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में पक्षकारों के बीच एक न्यायोचित व संघर्ष के स्थायी राजनीतिक समाधान के लिये वार्ता तंत्र बनाने व उसके समर्थन की दिशा में पूर्ववर्ती प्रशासन द्वारा तैयार किये गए मौलिक ढांचे का हम समर्थन करते हैं। तालिबान के साथ शांति समझौते पर अमेरिका की नजर अमेरिकी एनएसए ने कहा कि अमेरिका-तालिबान समझौते और हमारे बलों के आगे बढ़ने पर नजर के साथ ही हम अफगान सरकार, तालिबान व अन्य के बीच बातचीत का समर्थन करते हैं जिससे एक उचित व सतत नतीजा प्राप्त हो।ऐतिहासिक करार के तहत तालिबान ने यद्यपि अंतरराष्ट्रीय बलों पर हमले रोक दिये हैं लेकिन अफगान सरकार से उसकी लड़ाई जारी है। आतंकियों के रिहाई की मांग कर रहा तालिबान अफगान सरकार के साथ बातचीत शुरू करने की शर्त के तौर पर तालिबान मांग कर रहा है कि कैदियों की अदला-बदली के तहत उसके हजारों सदस्यों को रिहा किया जाए। पिछले साल सितंबर में अफगान सरकार और तालिबान के बीच सीधी बातचीत शुरू हुई थी लेकिन अब तक किसी समझौते पर नहीं पहुंचा जा सका है। अफगानिस्तान में हिंसा में भी कमी नहीं आई है और लक्षित हत्याओं के तहत पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, राजनेताओं और महिला न्यायाधीशों को निशाना बनाया गया।


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वॉशिंगटन अमेरिका में बाइडन प्रशासन के सत्ता में आने के बाद से ही भारत के साथ रिश्तों को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। तब भी कई विशेषज्ञों ने कहा था कि बाइडन के आने से भी भारत को लेकर अमेरिका की नीति में कोई अंतर नहीं आएगा। अब अमेरिका के नए विदेश मंत्री ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है। भारतीय विदेश मंत्री के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका का खास सहयोगी बताया। उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष के साथ साझा चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटने के तरीकों पर चर्चा भी की। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग बढ़ाएगा अमेरिका ब्लिंकन के इस सप्ताह की शुरुआत में कार्यभार संभालने के बाद दोनों देशों के मंत्रियों के बीच टेलीफोन पर हुई यह पहली बातचीत है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने शुक्रवार को बताया कि भारत और अमेरिका के मंत्रियों ने कोविड-19 टीकाकरण प्रयासों, क्षेत्रीय विकास, द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तार देने के लिए उठाए जा सकने वाले कदमों तथा आपसी चिंता के अन्य मुद्दों पर चर्चा की। प्राइस ने कहा कि ब्लिंकन ने हिंद-प्रशांत में अमेरिका के खास सहयोगी के रूप में भारत की भूमिका और क्षेत्रीय सहयोग को विस्तार देने के लिए मिलकर काम करने की महत्ता रेखांकित की। जल्द मुलाकात करेंगे भारत और अमेरिका के विदेश मंत्री उन्होंने कहा कि दोनों ने वैश्विक बदलावों के मद्देनजर निकट समन्वय के साथ काम करने पर सहमति जताई और जल्द से जल्द आमने-सामने मुलाकात करने की इच्छा व्यक्त की। ब्लिंकन ने ट्वीट किया कि मुझे खुशी है कि मैंने आज अपने अच्छे मित्र डॉ. एस जयशंकर के साथ अमेरिका और भारत की प्राथमिकताओं पर चर्चा की। हमने अमेरिका और भारत के संबंधों की महत्ता की पुन: पुष्टि की। हमने नए अवसरों का बेहतर तरीके से लाभ उठाने और हिंद-प्रशांत एवं उससे परे भी साझा चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटने के तरीकों पर चर्चा की। रक्षा संबंधों को मजबूत करने की है तैयारी नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर और ब्लिंकन ने बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने एवं उसे संघटित करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने मजबूत रक्षा संबंधों, मजबूत होते आर्थिक संबंधों, स्वास्थ्य क्षेत्र में फलदायी गठजोड़ और लोगों के बीच मजबूत आपसी संपर्क को महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए उनकी प्रशंसा की। शांति और सुरक्षा को लेकर दोनों देशों ने प्रतिबद्धता दोहराई बताया किया कि कोविड-19 के बाद की दुनिया में चुनौतियों को पहचानते हुए दोनों नेताओं ने सुरक्षित एवं किफायती टीके की आपूर्ति समेत वैश्विक मामलों से निपटने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। उन्होंने खासकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से ब्लिंकन ने कनाडा, मैक्सिको, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी, फ्रांस, इजराइल और दक्षिण अफ्रीका समेत एक दर्जन से अधिक देशों में अपने समकक्षों से बात की है।


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इस्लामाबाद भारत की की संभावना से डरा पाकिस्तान अब संयुक्त राष्ट्र के सामने गिड़गिड़ा रहा है। पाकिस्तान ने वैश्विक समुदाय की सहानुभूति हासिल करने के लिए दावा किया है कि भारत इस्लामाबाद के प्रति अपनी आक्रामकता को सही ठहराने के लिए का उपयोग करता है। पाकिस्तान को डर है कि भारत अपनी घरेलू राजनीति से लोगों का ध्यान हटाने के लिए बॉर्डर पर तनाव बढ़ा सकता है। खुद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान भारत के सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर डर जता चुके हैं। क्या होता है फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन मालूम हो कि जिम्मेदारी के वास्तविक स्रोत को छिपाने और दूसरी पार्टी पर दोष लगाने के उद्देश्य से फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन शब्द का उपयोग किया जाता है। फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन उसे कहा जाता है, जहां पर किसी भी ऑपरेशन को अंजाम देने वाले की पहचान को पूरी तरह से छिपाया जाता है। इतना ही नहीं, इस तरह के ऑपरेशन को अंजाम देने वाला अगर पकड़ा जाता है तो उसमें अपनी भूमिका से पूरी तरह से मुंह फेर लिया जाता है। इस तरह के ऑपरेशन को अंजाम देने वालों को इस बात की पूरी जानकारी होती है कि अगर वे पकड़े गए तो सरकार उन्हें किसी तरह से भी स्वीकार नहीं करेगी। फिर अलापा कश्मीर का राग पाकिस्तान ने एक बार फिर से कश्मीर राग अलापा है। पाकिस्तान अच्छे से जानता भी है कि जम्मू और कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग है और यह संवैधानिक और नैतिक तौर पर भारत का ही हिस्सा है। इसके बावजूद वह आए दिन किसी न किसी बहाने झूठी और मनगढंत बातें बनाकर कश्मीर का मुद्दा उछालता रहता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बहस (डिबेट) को संबोधित करते हुए, पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने कहा कि एक तरफ तो भारत ने कश्मीरी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को दबा दिया है और उसकी सेना कश्मीर के लोगों पर बेरोकटोक अत्याचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर इसने मुस्लिम बहुल राज्य को हिंदू बहुल क्षेत्र में बदलने के लिए अभियान शुरू किया है। यूएन में पाकिस्तानी राजदूत ने बोले झूठ पर झूठ पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर झूठ बोलते हुए दावा किया कि भारत ने पांच लाख से अधिक हिंदुओं को कश्मीरियों की भूमि पर कब्जा करने की अनुमति देकर मुस्लिम बहुल राज्य को हिंदू बहुल क्षेत्र में बदलने का अभियान शुरू किया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक नरसंहार है। उन्होंने एक और झूठा आरोप लगाते हुए कहा कि भारत ने अपने अभियान के माध्यम से कश्मीरियों को चुप करा दिया है, जबकि वह नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्ष विराम का लगातार उल्लंघन करके पाकिस्तान को आक्रामकता के माध्यम से धमकी देता है। UNSC में भारत की स्थायी सीट पर भी पाकिस्तान को आपत्ति अकरम ने यह कहा कि फरवरी 2019 में भारत की ओर से विनाशकारी युद्धक स्थिति को पाकिस्तान के संयम के माध्यम से रोक दिया गया था। पाकिस्तान ने हाल ही में जी4 राज्यों के खिलाफ आपत्ति जताई है, जिसमें भारत भी शामिल है, जो कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्थायी सीटें प्राप्त करने का एक प्रयास है। इसके बाद अब संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान ने भारत की आक्रामकता को लेकर चेताया है। इसलिए सर्जिकल स्ट्राइक का दावा कर रहा पाकिस्तान पाकिस्तान सरकार के सूत्रों ने कहा है कि भारत में किसानों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों ने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है और नई दिल्ली उस विषय से ध्यान हटाने के लिए झूठे फ्लैग ऑपरेशन का विकल्प चुनने की कोशिश कर सकती है। भारत के आरोपों को खारिज करते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि 2019 पुलवामा आतंकी हमला एक स्थानीय कश्मीरी नागरिकों का कृत्य था, जो पाकिस्तान से जुड़ा नहीं है।


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वॉशिंगटन अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों को धमकियां मिलने के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर पुलिस ने सदस्यों की यात्रा के लिये सुरक्षा बढ़ा दी है। हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति के समर्थकों ने कैपिटल हिल में घुसकर तोड़फोड़ की थी। कांग्रेस के कार्यवाहक सुरक्षा प्रमुख टिमोथी पी ब्लोडगेट ने एक विज्ञप्ति में कहा कि कैपिटल पुलिस अधिकारियों को वाशिंगटन के हवाई अड्डों, शहर के ट्रेन डिपो पर तैनात किया जाएगा। ब्लोडगेट ने कहा कि उन्होंने एक पोर्टल तैयार किया है, जिस पर सांसद अपनी यात्रा योजनाओं के बारे में एजेंसी को बता सकते हैं। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे अपनी यात्राओं के दौरान स्थानीय पुलिस तथा हवाई अड्डे के अधिकारियों के साथ सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अधिकारियों के साथ साझा करें।


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बर्लिन माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक ने भविष्य की महामारी को लेकर चेतावनी जारी की है। उन्होंने दावा किया है कि भविष्य में जो भी महामारी आएगी वह वर्तमान के से 10 गुना ज्यादा घातक होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी देशों को कोरोना वायरस महामारी से सबक सीखना चाहिए। दुनियाभर में कोरोना वायरस से अबतक 22 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि संक्रमितों का आंकड़ा 10 करोड़ से भी ऊपर पहुंच चुका है। 10 गुना ज्यादा खतरनाक होगी अगली महामारी जर्मन मीडिया से बात करते हुए बिल गेट्स ने कहा कि म अगले महामारी के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने दुनिया भर की सरकारों से अपने नागरिकों को संभावित नई बीमारियों से बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह महामारी खराब है, लेकिन भविष्य की महामारी 10 गुना अधिक गंभीर हो सकती है। गेट्स ने दावा किया कि अगर कोरोना वायरस महामारी आज से पांच साल पहले आई होती, तो दुनिया इतनी जल्दी वैक्सीन नहीं बना पाती। वैक्सीन राष्ट्रवाद को लेकर चेताया बिल गेट्स ने उन वैज्ञानिकों और संगठनों की प्रशंसा की जिन्होंने कोविड वैक्सीन बनाने में अपना सहयोग दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने वैश्विक नेताओं से वैक्सीन राष्ट्रवाद से बचने की भी अपील की। गेट्स ने कहा कि सभी को वैक्सीन के उचित वितरण के सहयोग करना चाहिए। फाउंडेशन के जरिए गरीबों की मदद कर रहे बिल गेट्स अरबपति बिल गेट्स ने अपनी पत्नी के साथ बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन बनाया है। जिसके जरिए वह भारत सहित कई देशों में गरीब और असहायों की सहायता करते हैं। उनकी वेबसाइट के अनुसार, फाउंडेशन हर व्यक्ति के अंदर संभावना को अनलॉक करना चाहता है। हम सभी जीवन में समान मूल्य देखते हैं। और इसलिए हम दुनिया भर के व्यक्तियों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए समर्पित हैं। क्या है 'वैक्सीन राष्ट्रवाद'? जब कोई देश सिर्फ अपने नागरिकों या अपने यहां रहने वाले लोगों के लिए वैक्सीन डोज सुरक्षित करने की कोशिश करता है तो इसे 'वैक्सीन राष्ट्रवाद' नाम दिया जाता है। ऐसी स्थिति तब होती है जब कोई देश वैक्सीन को अन्य देशों में उपलब्ध होने से पहले ही उन्हें अपने घरेलू बाजार और अपने नागरिकों के लिए एक तरह से रिजर्व करने की कोशिश करता है। इसके लिए संबंधित देश की सरकार वैक्सीन मैन्यूफैक्चरर के साथ प्री-परचेज अग्रीमेंट कर लेती है। नया नहीं है 'वैक्सीन राष्ट्रवाद' ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है कि दुनिया के तमाम देश 'वैक्सीन राष्ट्रवाद' की राह पर चल रहे हैं। 2009 में H1N1 फ्लू के प्रकोप के वक्त भी इसी तरह से वैक्सीन की जमाखोरी हुई थी। तब ऑस्ट्रेलिया पहला ऐसा देश था जिसने एच1एन2 फ्लू की वैक्सीन बनाने में कामयाबी हासिल की थी। लेकिन उसने उस वैक्सीन के निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया। दूसरी तरफ कुछ अमीर देशों ने कई फार्मा कंपनियों के साथ वैक्सीन के लिए प्री-परचेज अग्रीमेंट कर लिया था। सिर्फ अमेरिका ने 6 लाख वैक्सीन डोज के लिए अग्रीमेंट किया था।


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रियाद सऊदी अरब के नेतृत्‍व में गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के एक शिविर को हवाई हमला करके तबाह कर दिया है। सऊदी...