Monday, 4 January 2021

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किंशासा अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में एक नई रहस्‍यमय बीमारी पैर पसार रही है। इस बीमारी को नाम दिया गया है। कांगो में एक महिला मरीज में इस बीमारी के लक्षण देखे गए हैं। इस खुलासे के बाद दुनियाभर में खलबली मची हुई और रूस ने तो इस बीमारी की जांच भी शुरू कर दी है। वर्ष 1976 में घातक इबोला वायरस की खोज में मदद देने वाले प्रफेसर जीन-जैक्‍स मुयेम्‍बे तामफूम ने चेतावनी दी कि यह नई बीमारी इबोला से भी काफी ज्‍यादा जानलेवा है। आइए जानते हैं Disease X के बारे में सबकुछ..... कांगो में मिली मरीज को प्‍लास्टिक के अंदर रखा गया है और उसे केवल एक खिड़की के जरिए अपने परिजनों से बात करने दिया जा रहा है। उसकी पहचान अभी दुनिया से छिपाई गई है। महिला के बच्‍चों की भी जांच की गई लेकिन उनके बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं। महिला का इलाज कर रहे डॉक्‍टर भी डरे हुए हैं। ब्रिटिश अखबार डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक कांगो के इगेंडे में एक महिला मरीज को खून आने के साथ बुखार (Hemorrhagic) के लक्षण देखे गए हैं। 'महिला ' Disease X' की पहली मरीज हो सकती है' इस महिला मरीज की इबोला जांच कराई गई लेकिन डॉक्‍टरों को डर है कि यह ' Disease X' की पहली मरीज हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नया वायरस कोरोना की तरह से तेजी से फैल सकता है लेकिन इससे मरने वालों की संख्‍या इबोला से भी ज्‍यादा हो सकती है। तामफूम की महिला मरीज की इबोला जांच निगेटिव आई है जिससे यह संदेह और बढ़ गया है। इसके बाद महिला की अन्‍य बीमारियों की जांच कराई लेकिन वे सभी निगेटिव आई हैं। डॉक्‍टर इस बात से डरे हुए हैं कि यह बीमारी बहुत तेजी दुनिया में फैल सकती है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक Disease X में X का मतलब अप्रत्‍याशित है। इस बीच रूस के सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने इस नई बीमारी के सभी स्रोतों और रिपोर्ट की जांच शुरू कर दी है। अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन को दिए साक्षात्‍कार में प्रफेसर जीन ने कहा, 'आज हम एक ऐसी दुनिया में हैं जहां नए वायरस बाहर आएंगे। और ये वायरस मानवता के लिए खतरा बन जाएंगे।' उन्‍होंने कहा कि मेरा मानना है कि भविष्‍य में आने वाली महामारी कोरोना वायरस से ज्‍यादा खतरनाक होगी और यह ज्‍यादा तबाही मचाने वाली होगी। महिला का इलाज कर रहे डॉक्‍टर भी डरे हुए कांगो में महिला का इलाज कर रहे डॉक्‍टर भी डरे हुए हैं। डॉक्‍टर दादिन बोनकोले ने कहा, 'हम सभी भयभीत हैं। इबोला के बारे में कोई नहीं जानता था। कोविड-19 को भी कोई नहीं जानता था। हमें नई बीमारियों से डरना होगा।' तामफूम ने कहा कि मानवता अज्ञात संख्‍या में नए वायरस का सामना कर रही है। उन्‍होंने कहा कि अफ्रीका के वर्षा वनों से नए और घातक वायरस के पैदा होने का खतरा पैदा हो गया है। बता दें कि ब्रिटेन के एडिनबर्ग विश्‍वविद्यालय के शोध के मुताबिक हर तीन से चार साल के अंतराल पर एक नया वायरस दुनिया में दस्‍तक दे रहा है। विश्‍वविद्यालय के प्रफेसर मार्क वूलहाउस के मुताबिक ज्‍यादातर वायरस पशुओं से आ रहे हैं। वैज्ञानिकों ने कहा क‍ि अगर जंगली जानवरों को काटा गया तो इबोला और कोरोना वायरस जैसी महामारी को बढ़त मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि वुहान जैसे वेट मार्केट में रखे गए जिंदा जानवर ज्‍यादा बड़ा खतरा हैं और इन जानवरों में से किसी के अंदर 'Disease X' महामारी मौजूद हो सकती है। वैज्ञानिकों ने पहले भी इस तरह के जिंदा जानवरों के बाजार को इंसानों में फैलने वाली बीमारियों जैसे फ्लू और सार्स के लिए जिम्‍मेदार ठहराया था।


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