मॉस्को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक को जहर दिए जाने के बाद उनका इलाज करने वाले डॉक्टर की 55 साल की उम्र में अचानक मौत हो गई है। डॉ. सर्गे माक्सिमिशीन ओम्स्क अस्पताल में इंटेंसिव केयर यूनिट के इंचार्ज थे। जहर दिए जाने से प्लेन पर बीमार होने के बाद नवलनी को यहीं लाया गया था। अस्पताल और रूस के शाशन ने नवलनी को नर्व एजेंट दिए जाने का खंडन किया था लेकिन जर्मनी में उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों ने नोविकोच डिटेक्ट किया था। हार्ट अटैक से हुई मौत डॉ. सर्गे की आईसीयू में ही मौत हो गई। उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण की आशंका भी नहीं था। शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया है कि उनका ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ गया और फिर हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। उनसे एक हफ्ते पहले मिलने वाली साथी मारिया मोरोजोवा का कहना है कि इस दुखद घटना के बारे में कोई सोच नहीं सकता था। बताया जाता है कि नवलनी का इलाज डॉ. सर्गे की निगरानी में ही किया जा रहा था। वहीं, ओम्स्क अस्पताल ने कहा गया है कि डॉ. सर्गे की मौत का कोई खास बैकग्राउंड नहीं है। अस्पताल की प्रवक्ता ने कहा है कि डॉ. सर्गे बीमार थे और अपने रिश्तेदारों के लिए परेशान थे। उनके पैरंट्स की मौत इसी साल हुई थी। जहां वह काम करते थे, वहीं उनकी मौत हो गई। नवलनी को तीन साल जेल नवलनी को प्रोबेशन के शर्तों के उल्लंघन का दोषी करार देते हुए मास्को की एक अदालत ने उन्हें करीब साढ़े तीन साल जेल में रखने का आदेश दिया है। रूस में विपक्षी नेता नवलनी (44) को जर्मनी से लौटने पर 17 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। नर्व एजेंट (जहर) के हमले के बाद वह जर्मनी में पांच महीने से उपचार करा रहे थे।
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