Sunday, 21 February 2021

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इस्‍लामाबाद फ्रांस के पेरिस स्थित वित्तीय कार्रवाई कार्यदल (FATF) के प्‍लेनरी सत्र की आज बैठक शुरू होने जा रही है जिससे आतंकिस्‍तान पाकिस्‍तान की धुकधुकी बढ़ गई है। इस बैठक में पीएम इमरान खान के तमाम दावों के बाद भी पाकिस्‍तान के ग्रे लिस्‍ट में बने रहने का रास्‍ता साफ होने के पूरे आसार है। अब इमरान को केवल अपने आका चीन, तुर्की और मलेशिया से उम्‍मीद है जो उसे ब्‍लैक लिस्‍ट होने से रोक सकते हैं। पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्‍ट में बना रह सकता है। पाकिस्‍तान ने दावा किया है कि उसने आतंकियों के वित्‍तपोषण को रोकने की दिशा में महत्‍वपूर्ण प्र‍गति की है लेकिन एफएटीएफ के सदस्‍य देश उसकी राय से सहमत नहीं हैं। यही नहीं खुद अब पाकिस्‍तानी अधिकारियों का कहना है कि अगर पाकिस्‍तान के साथ बहुत अच्‍छा हुआ तो भी वह जून तक तो ग्रे लिस्‍ट में बना रहेगा। पाकिस्‍तान को चीन, तुर्की, मलेशिया से मदद की आस पाकिस्‍तान के भविष्‍य पर फैसला 25 फरवरी को एफएटीएफ के अध्‍यक्ष 4 दिन तक चलने वाली वर्चुअल बैठक के बाद सुनाएंगे। एफएटीएफ के ताजा अपडेट के मुताबिक पाकिस्‍तान ने धनशोधन को रोकने के लिए कुछ प्रयास किए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ये पाकिस्‍तानी प्रयास नाकाफी हैं। बताया जा रहा है कि इस बैठक पाकिस्‍तान को ब्‍लैक लिस्‍ट करने के बारे में भी विचार किया जाएगा। चीन, तुर्की और मलेशिया की वजह से इस बात के चांस कम हैं कि पाकिस्‍तान ब्‍लैक लिस्‍ट हो लेकिन उसके ऊपर दबाव और ज्‍यादा बढ़ जाएगा। उधर, फ्रांस के अलावा कई अन्य यूरोपीय देशों ने माना है कि पाकिस्तान ने FATF की निर्धारित कार्ययोजना के सभी बिंदुओं का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया है। यही नहीं अमेरिका भी इमरान खान से डेनियल पर्ल के हत्यारों की रिहाई को लेकर चिढ़ा हुआ है। एफएटीएफ ने जून 2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट’ में रखा था। एफएटीएफ ने इस्लामाबाद को 2019 के अंत तक मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के फाइनेंसिंग पर लगाम लगाने के लिए कार्ययोजना को लागू करने के लिए कहा था। लेकिन, बाद में कोविड-19 महामारी के कारण यह समयसीमा बढ़ा दी गई थी। पाकिस्तानी समाचारपत्र डान के अनुसार, एफएटीएफ का पूर्ण सत्र 22 फरवरी से 25 फरवरी तक पेरिस में आयोजित होगा जिसमें पाकिस्तान सहित ग्रे सूची में रहने समेत विभिन्न देशों के मामलों पर विचार किया जाएगा और बैठकों के समापन पर इस पर निर्णय लिया जाएगा। मसूज अजहर और हाफिज सईद पर कार्रवाई चाहता है FATF अक्टूबर 2020 में आयोजित अंतिम पूर्णसत्र में, एफएटीएफ ने निष्कर्ष निकाला था कि पाकिस्तान फरवरी 2021 तक अपनी ग्रे लिस्ट में जारी रहेगा क्योंकि यह वैश्विक धनशोधन और आतंकवादी वित्तपोषण निगरानी के 27 में से छह दायित्वों को पूरा करने में विफल रहा है। उसके अनुसार इसमें भारत के दो सबसे वांछित आतंकवादी - जैश-ए मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर और जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल है। अजहर और सईद भारत में कई आतंकवादी कृत्यों में उनकी संलिप्तता के लिए सबसे वांछित आतंकवादी हैं, जिनमें 26/11 मुंबई आतंकवादी हमला और पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ की बस पर आतंकी हमला शामिल है।


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