पेइचिंग अंतरिक्ष में अपनी ताकत को बढ़ाने की कोशिश में जुटे चीन के मून मिशन को तगड़ा झटका लगा है। चीन के चंद्रयान के लैंडर और रोवर को सौर ऊर्जा के अभाव के चलते सुसुप्त अवस्था में डाल दिया गया है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के मुताबिक चांग ई-4 के रोवर ने तीन जनवरी 2019 को इतिहास रच दिया था, जब वह चंद्रमा के दूरदराज के हिस्से में उतरा था और पृथ्वी के उपग्रह के अब तक अनदेखे रहे क्षेत्र की करीब से ली गई तस्वीरें धरती पर भेजी थी। ऊर्जा की कमी से बंद हुए लैंडर और रोवर चीनी राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन के चंद्रमा अन्वेषण एवं अंतरिक्ष कार्यक्रम केंद्र के मुताबिक लैंडर और रोवर, युतु-2 (जेड रैबिट-2) को शुक्रवार को तय कार्यक्रम के मुताबिक सुसुप्त अवस्था में डाल दिया गया। खबर में कहा गया है कि चंद्रमा पर सौर ऊर्जा के अभाव के चलते रात्रि के दौरान इसे सुसुप्त अवस्था में डाल दिया गया है। पृथ्वी के 14 दिन के बराबर चंद्रमा पर एक दिन और इतनी ही अवधि के बराबर एक रात होती है। चीन ने जनवरी 2019 में चांद पर भेजा था यह मिशन जनवरी 2019 में चांग-ई-4 चांद की सतह पर लैंडर और यूटू-2 रोवर के साथ लैंड किया था। इससे पहले चांग-ई-3 नाम का स्पेसक्राफ्ट 2013 में चांद के सतह पर पहुंचा था। चांग-ई-3 अभी भी एक्टिव मोड में है। पिछले साल ही चीन का चंद्रयान चांग ई-5 चांद की सतह से नमूने एकत्रित कर धरती पर सुरक्षित लौटकर इतिहास रचा था। चांद से सबसे ज्यादा मिट्टी लेकर लौटा था चीन का अंतरिक्षयान चांग ई 5के चार में से दो मॉड्यूल एक दिसंबर को चंद्रमा की सतह पर पहुंचे थे और उन्होंने सहत से खुदाई करके करीब दो किलोग्राम नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को सील बंद कंटेनर में रखा गया और उसे वापस आने वाले मॉड्यूल में स्थानांतरित किया गया। ‘चांग ई 5’ चांद की सतह पर पहुंचने वाला चीन का तीसरा यान है।
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