Thursday, 18 February 2021

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धरती से 7,200 प्रकाशवर्ष दूर एक महाविशाल ब्लैक होल पहले के अनुमान की तुलना में 50% ज्यादा बड़ा है। एक नई स्टडी में यह दावा किया गया है। Cygnus-X-1 ऐस्ट्रोनॉमर्स का खोजा सबसे पहला ब्लैक होल है। इसे 1964 में तब पाया गया था जब दो Geiger काउंटर स्पेस में एक रॉकेट के साथ भेजे गए थे। अब विशाल वेरी लॉन्ग बेसलाइन ऐरे और दूसरे अडवांस्ड टेलिस्कोप्स की मदद से यह खोज की गई है कि यह इस ब्लैक होल का द्रव्यमान (mass) सूरज से 21 गुना ज्यादा है। ऑस्ट्रेलिया की कर्टिन यूनिवर्सिटी के ऐस्ट्रोनॉमर्स का कहना है कि अब तक सीधे ऑब्जर्व किए गए ब्लैक होल्स के लिए यह एक रेकॉर्ड है।

Supermassive Black Hole: वैज्ञानिकों ने पाया है कि सबसे पहले खोजा गया ब्लैक होल पहले के आकलन की तुलना में 50% ज्यादा बड़ा है।


First Black Hole: सबसे पहले खोजा गया महाविशाल ब्लैकहोल असल में है 50% ज्यादा बड़ा, स्टीफन हॉकिंग ने इस पर हारी थी शर्त

धरती से 7,200 प्रकाशवर्ष दूर एक महाविशाल ब्लैक होल पहले के अनुमान की तुलना में 50% ज्यादा बड़ा है। एक नई स्टडी में यह दावा किया गया है। Cygnus-X-1 ऐस्ट्रोनॉमर्स का खोजा सबसे पहला ब्लैक होल है। इसे 1964 में तब पाया गया था जब दो Geiger काउंटर स्पेस में एक रॉकेट के साथ भेजे गए थे। अब विशाल वेरी लॉन्ग बेसलाइन ऐरे और दूसरे अडवांस्ड टेलिस्कोप्स की मदद से यह खोज की गई है कि यह इस ब्लैक होल का द्रव्यमान (mass) सूरज से 21 गुना ज्यादा है। ऑस्ट्रेलिया की कर्टिन यूनिवर्सिटी के ऐस्ट्रोनॉमर्स का कहना है कि अब तक सीधे ऑब्जर्व किए गए ब्लैक होल्स के लिए यह एक रेकॉर्ड है।



शर्त हार गए थे स्टीफन हॉकिंग
शर्त हार गए थे स्टीफन हॉकिंग

इसमें गिरते मैटर के आधार पर यह ऑब्जर्वेशन की गई है। नए डेटा में पाया गया है कि इसकी धरती से दूरी भी पहले के आकलन से 20% ज्यादा है। वेरी लॉन्ग बेसलाइन ऐरे महाद्वीप के बराबर का रेडियो टेलिस्कोप है। यह अमेरिका के कई राज्यों में 10 डिशों के जरिए फैला है। इसकी मदद से ऐस्ट्रोनॉट्स धरती और सूरज के बीच की दूरी के आधार पर दूसरे ऑब्जेक्ट्स की दूरी नापी जाती है। इस ब्लैक होल की खोज से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी है। जब 1990 में यह पुष्टि की गई कि यह ब्लैक होल ही है, तो ब्रिटिश फिजिसिस्ट सर स्टीफन हॉकिंग एक शर्त हार गए थे जो उन्होंने प्रफेसर किप थॉर्न से इसके स्टेटस के लिए शर्त लगाई थी। उनका कहना था कि यह ब्लैक होल नहीं है।



धरती से कहीं ज्यादा दूर
धरती से कहीं ज्यादा दूर

स्टडी के लीड रिसर्चर जेम्स मिलर-जोन्स ने बताया है कि एक ही ऑब्जेक्ट को अलग-अलग जगह से देखने पर बैकग्राउंड के आधार पर पता लगाया जा सकता है कि उसकी दूरी कितनी है। 6 दिन में ब्लैक होल की पूरी कक्षा देखी गई और फिर 2011 में लिए गए ऑब्जर्वेशन से इसकी तुलना की गई। इससे पता चला कि यह सिस्टम पहले के अंदाजे से ज्यादा दूर है और महाविशाल भी है। यह और इसका साथी सितारा एक-दूसरे का चक्कर साढ़े 5 दिन में पूरा कर लेता है। इसका साथी नीला विशाल सितारा सूरज से 22 गुना ज्यादा बड़ा है और इसका द्रव्यमान सूरज से 41 गुना ज्यादा है।



कैसे बना था?
कैसे बना था?

अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह विशाल ब्लैक होल जिस सितारे से बना होगा, उसका ज्यादा द्रव्यमान खत्म नहीं हुआ होगाा। ऐसे में यह एक पहेली है कि ब्लैकहोल बना कैसे? धरती से दूर बड़े ब्लैकहोल्स को गुरुत्वाकर्षण किरणों के आधार पर ही पहचाना जा सकता है। Cygnus-X-1 सिस्टम का ब्लैक होल पहले सूरज से 60 गुना ज्यादा द्रव्यमान वाला सितारा रहा होगा और 10 हजार साल पहले खत्म हो गया होगा। वैज्ञानिकों ने यह भी पाया है कि यह ब्लैक होल किसी भी दूसरे ब्लैक होल और रोशनी की गति के करीब घूम रहा है। यह अब तक की सबसे ज्यादा गति है।





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