कोलंबो इमरान खान की कोलंबो यात्रा के एक महीने के अंदर ही श्रीलंका और पाकिस्तान की सेनाओं ने साझा युद्धाभ्यास का आयोजन किया है। आतंकवाद के खिलाफ एक्स-शेक हैंड युद्धाभ्यास को श्रीलंका के उत्तरी मध्य प्रांत में सलियापुरा में आयोजित किया गया। इस दौरान पाकिस्तानी सेना की एक टुकड़ी करीब 15 दिन श्रीलंका में बनी रही। माना जा रहा है कि श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच नजदीकी बढ़ने का भारत पर नकारात्मक असर हो सकता है। इस नए गठजोड़ से हिंद महासागर में चीन को ज्यादा ताकत मिल सकती है। पाकिस्तानी सेना के 40 सैनिकों ने लिया हिस्सा पाकिस्तान उच्चायोग ने बताया कि इस अभ्यास में पाकिस्तान सेना के छह अधिकारियों और 35 अन्य कर्मियों तथा श्रीलंका सेना के चार अधिकारियों और 40 अन्य कर्मियों ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास का मकसद द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करना और आतंकवाद के खिलाफ दोनों सेनाओं के समृद्ध अनुभवों को एक-दूसरे के साथ साझा करना था। श्रीलंकाई सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को सराहा इस अवसर पर श्रीलंका के सेना प्रमुख जनरल शवेंद्र सिल्वा ने कहा कि पाकिस्तान हर कठिन मौके पर श्रीलंका का सच्चा दोस्त रहा है और हमेशा श्रीलंका का साथ दिया है। हाल में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के खिलाफ भी पाकिस्तान ने श्रीलंका का समर्थन किया। कुछ दिनों पहले ही संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ लाए गए मानवाधिकार हनन के प्रस्ताव के खिलाफ पाकिस्तान ने वोट दिया था, जबकि भारत इस वोटिंग से अनुपस्थित रहा था। हाल में भी इमरान ने किया था श्रीलंका का दौरा एक महीने पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने श्रीलंका का दौरा किया था। इस दौरान श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे प्रोटोकॉल तोड़ते हुए खुद इमरान खान को रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे। इस दौरान पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच रक्षा, व्यापार, पर्यटन समेत कई क्षेत्रों में समझौते हुए। दोनों देशों ने एक दूसरे को करीबी दोस्त भी बताया था। हालांकि, भारत को नाराज न करने के लिए श्रीलंका ने एन मौके पर इमरान खान के श्रीलंकाई संसद को संबोधित करने का कार्यक्रम रद्द कर दिया था। लिट्टे के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान ने दिए थे हथियार आतंकी संगठन लिट्टे के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान ने श्रीलंका की सेना को कई हथियार मुहैया कराए थे। दावा किया जाता है कि पाकिस्तान और चीन के उच्च तकनीकी सैन्य उपकरण और खुफिया सहायता के जरिए ही श्रीलंकाई सेना लिट्टे का खात्मा करने में सफल हो पाई थी। दरअसल, उस दौरान श्रीलंका की सेना पर मानवाधिकारों के हनन के जबरदस्त आरोप लगे थे, जिसके कारण कई देशों ने श्रीलंका को हथियारों की सप्लाई रोक दी थी। 1971 के युद्ध में भी श्रीलंका ने पाकिस्तान की मदद की थी 1971 के युद्ध के समय जब भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया था। तब, पाकिस्तानी विमान तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) की उड़ान के दौरान श्रीलंका में तेल भरने के लिए रुकते थे। हालांकि, बाद में भारत ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को बंगाल की खाड़ी में तैनात कर पाकिस्तान के लिए इस हवाई रास्ते को भी बंद कर दिया था। भारत के लिए हिंद महासागर में बढ़ेगा खतरा इमरान खान की श्रीलंका यात्रा से भारत के लिए खतरा बढ़ सकता है। आर्थिक रूप से नाकामयाब साबित हो चुके दोनों देश (श्रीलंका और पाकिस्तान) अगर चीन की शह पर एक साथ मिलते हैं तो हिंद महासागर में रणनीतिक हालात बदल जाएंगे। भारत इस क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करने की कोशिश कर रहा है, जबकि चीन और पाकिस्तान इसके खिलाफ योजनाएं बना रहे हैं। श्रीलंका के हंबनटोटा में चीन पहले से मौजूद है ऐसे में अगर पाकिस्तान यहां आ जाता है तो भारत के लिए मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। कुछ दिन पहले ही श्रीलंका ने कोलंबों के ईस्ट टर्मिनल प्रोजक्ट से भारत को बाहर कर दिया था।
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