क्यूबेक कनाडा में जैसी एक से लोगों में दहशत फैली हुई है। बताया जा रहा है कि इस बीमारी से अभी तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 43 लोग संक्रमित हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दुर्लभ और घातक मस्तिष्क विकार है, जिसे क्रुट्जफेल्ट-जैकोब रोग () या CJD के नाम से जाना जाता है। साल 2021 में इस बीमारी के अबतक 6 नए मामले सामने आ चुके हैं। मैड काउ डिजीस से अलग है यह बीमारी दोनों बीमारियों में समानता होने के वाबजूद कनाडा के कई विशेषज्ञों ने सीजेडी को मैड काउ डिजीज से अलग बीमारी बताया है। कनाडा के न्यू ब्रंसविक के स्वास्थ्य अधिकारी अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इस बीमारी से 43 लोग कैसे संक्रमित हुए हैं। इसके अलावा वे इसे भी जानने का प्रयास कर रहे हैं कि यह अज्ञात न्यूरोलॉजिकल बीमारी क्या है, जिसने इतनी तेजी से लोगों को संक्रमित किया है। अबतक 5 लोगों की मौत कनाडा के स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि इस बीमारी के कारण पांच लोगों की मौत हो चुकी है। कनाडा की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार यह बीमारी साल 2015 में सामने आई थी, जिसके बाद पिछले कुछ साल में इसके मामले तेजी से बढ़े हैं। 2020 में इसके 24 रिपोर्टेड केस थे, जबकि 2021 में अबतक 6 नए मामले आ चुके हैं। बर्ट्रेंड के मेयर यवन गोडिन ने कहा कि इलाके के लोग इस नई बीमारी से काफी चिंतित हैं। लोगों में फैली दहशत, पूछ रहे सवाल मेयर ने कहा कि हमारे शहर के लोग परेशान हैं, वे पूछ रहे हैं कि यह बीमारी क्या मीट खाने के कारण हो रही है? क्या यह संक्रामक है? इस बीमारी के कारण के बारे में हमें जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी जानकारी चाहिए। कनाडा के वैज्ञानिक इस बीमारी से जुड़े टेस्ट और रिसर्च का काम जोरशोर से कर रहे हैं। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ नील कैशमैन ने बताया कि यह बीमारी क्रुट्जफेल्ट-जैकोब रोग नहीं है। बीमारी से जुड़े सवालों को तलाश रहे वैज्ञानिक वैज्ञानिकों ने बताया कि यह बीमारी इतनी जटिल है कि हमें इसके लिए कई सारे टेस्ट करने पड़ रहे हैं। कैशमैन और विशेषज्ञों की एक टीम इस बीमारी से जुड़े सभी सवालों के जवाब तलाशने में जुटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक हम कोई समयसीमा नहीं दे सकते हैं कि इससे जुड़े रहस्यों से कब पर्दा उठ सकेगा। कैशमैन ने स्थानीय लोगों को अपने सामान्य दिनचर्या को जारी रखने और शांत रहने की अपील की है। मैड काउ डिजीज क्या है? मैड काउ डिजीज गाय और गाय से जुड़े पशुओं में होने वाला एक रोग है। इसे बोविन स्पॉन्जिफॉर्म एन्सेफैलोपैथी (बीएसई) के नाम से जाना जाता है। यह एक असामान्य प्रोटीन के कारण मवेशियों में फैलने वाला एक घातक न्यूरोलॉजिकल रोग है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को नष्ट कर देता है। बीमारी की पहचान पहली बार 1986 में ग्रेट ब्रिटेन में हुई थी। हालांकि, शोधकर्ताओं का दावा है कि इसकी शुरुआत 1970 से ही हो गई थी।
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