लंदन ब्रिटेन के शीर्ष वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि चीन की कोविड वैक्सीन पर भरोसा करने वाले देशों में संक्रमण की रफ्तार तेज होने का खतरा है। मेल ऑनलाइन के साथ बातचीत में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि दुनिया को दक्षिणी अमेरिकी देश चिली से सबक लेने की जरुरत है। इस देश में एक सफल कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम के बाद भी चीन में बने टीके वायरस के प्रसार को रोकने में असमर्थ हैं। 53 देशों में लगाई जा रही चीनी वैक्सीन दुनियाभर में कम से कम 53 देशों में चीन की कोरोना वायरस वैक्सीन लगाई जा रही है। इनमें से कई दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया में विकासशील राष्ट्र हैं। दरअसली चीनी कोरोना वैक्सीन सस्ते और स्टोर करने में आसान हैं। ये उन गरीब देशों के लिए आदर्श वैक्सीन है, जिनके पास माइनस 20 डिग्री से ज्यादा के तापमान पर वैक्सीन स्टोर करने की सुविधा नहीं है। चीन ने खुद स्वीकारा है वैक्सीन का कम प्रभाव चीन के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने खुद ही स्वीकार किया है कि उनकी कोरोना वैक्सीन की प्रभावशीलता काफी कम है। नी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के डॉयरेक्टर गाओ फू ने दो दिन पहले ही कहा था कि मौजूदा वैक्सीन की प्रभावशीलता की दर काफी कम है। इसे बढ़ाने के लिए चीनी वैक्सीन निर्माता कंपनियों के साथ बातचीत की जा रही है। चिली में चीनी वैक्सीन के बाद भी संक्रमण की रफ्तार तेज रीडिंग विश्वविद्यालय के एक वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर इयान जोन्स ने बताया कि चिली से मिले आंकड़ों से पता चला है कि चीनी टीके वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। अपनी आबादी का एक चौथाई लोगों का टीकाकरण करने और 40 फीसदी लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक खुराक देने के बाद भी चिली में फरवरी के मध्य से संक्रमण की रफ्तार दोगुनी देखी जा रही है। चिली में पहले रोज 10 लाख लोगों में से 177 लोग संक्रमित मिलते थे, अब यह आंकड़ा बढ़कर 372 तक पहुंच गया है। प्रभावशीलता के मामले में फिसड्डी है चीनी वैक्सीन चिली में चीन की कोरोनावैक वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है। इसे चीन की दिग्गज फार्मा कंपनी सिनोवेक ने बनाया है। चिली विश्वविद्यालय की स्टडी में पता चला था कि चीनी वैक्सीन की पहली डोज की प्रभावशीलता केवल 3 फीसदी ही है। दूसरे डोज के बाद इसकी प्रभावशीलता करीब 56 फीसदी तक बढ़ जाती है। ब्राजील में एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि चीनी वैक्सीन की प्रभावशीलता केवल 50 फीसदी ही है। कौन से देश की वैक्सीन कितनी प्रभावी
| वैक्सीन | देश | प्रभावशीलता (प्रतिशत) |
| कोरोनावेक | चीन | 56.50 |
| एस्ट्राजेनेका | ब्रिटेन | 79 |
| फाइजर | अमेरिका-जर्मनी | 95 |
| मॉडर्ना | अमेरिका | 94 |
| जॉनसन एंड जॉनसन | अमेरिका | 67 |
| स्पूतनिक-वी | रूस | 92 |
| सिनोफॉर्म | चीन | 73 |
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