Friday, 8 October 2021

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पेइचिंग उत्‍तराखंड के बाद चीनी सेना ने एक बार फिर से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की है। इस बारे चीन की पीपल्‍स लिबरेशन आर्मी के निशाने पर भारत का अरुणाचल प्रदेश रहा जिसे वह अपना दक्षिणी तिब्‍बत बताता रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों अरुणाचल प्रदेश में चीन के करीब 200 सैनिक तिब्बत की तरफ से घुस आए। एलएसी पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच काफी देर तक झड़प भी हुई। चीन अरुणाचल प्रदेश को लेकर लगातार जंगी तैयारी बढ़ा रहा है। यही नहीं चीन सरकार के लिए दुष्‍प्रचार करने वाली बीजिंग की न्‍यूज वेबसाइट सोहू ने दावा किया था कि चीन वर्ष 2040 तक अरुणाचल प्रदेश पर कब्‍जे की तैयारी कर रहा है। सोहू ने का यह विवादित लेख वर्ष 2013 का है लेकिन पिछले दिनों चीन के सोशल मीडिया में यह वायरल हो गया था। इसमें कहा गया है कि चीन वर्ष 2020 से लेकर 2060 के बीच में ताइवान, भारत, जापान और रूस से सैन्‍य मुठभेड़ की तैयारी कर रहा है। इसमें कहा गया है कि चीन का मकसद साल 2025 तक ताइवान पर कब्‍जा कर लेना है। चीनी सरकार का गुणगान करने वाला यह लेख चर्चा का विषय बना हुआ है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन वर्ष 2035 से 40 के बीच में अरुणाचल प्रदेश को फिर से जीतने के लिए प्रयास करेगा। भारत के कई टुकड़े करने, पाक से युद्ध भड़काने की चीनी रणनीति इस रिपोर्ट में खुलेआम सुझाव दिया गया है कि चीन भारत के कई टुकड़े करने को एक रणनीति के रूप में इस्‍तेमाल कर सकता है और अगर वह फेल होता है तो वह भारत और पाकिस्‍तान को कश्‍मीर के मुद्दे पर युद्ध के लिए उकसा सकता है। भारतीय सेना जब पाकिस्‍तान से कश्‍मीर को बचाने के लिए प्रयास कर रही होगी, उसी समय चीन अरुणाचल प्रदेश पर धावा बोलकर उसे अपने कब्‍जे में ले लेगा। सोहू ने कहा कि चीन सबसे पहले ताइवान की सरकार को एकीकरण के लिए चेतावनी देकर वर्ष 2020 से 2025 के बीच में ताइवान के साथ जंग के लिए जा सकता है। इसमें कहा गया है कि अगर अमेरिका और जापान हस्‍तक्षेप नहीं करते हैं तो ताइवान के साथ जंग तीन महीने तक खिंच सकती है। चीन के राष्‍ट्रपति लगातार ताइवान को परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। वहीं अमेरिका लगातार ताइवान की सेना को हथियार और प्रशिक्षण दे रहा है। रूस, जापान और वियतनाम से भी जंग की तैयारी में ड्रैगन इस लेख में कहा गया है कि ताइवान पर कब्‍जे के बाद वर्ष 2025 में चीन के अजेंडे पर स्‍पार्टले द्वीप समूह आएगा और इस विवादित इलाके पर दावा करने वाले देशों को चीन चेतावनी देगा। इस खबर में दावा किया गया है कि अमेरिका सीधे तौर पर चीन से नहीं भिड़ेगा और वियतनाम तथा फिलीपीन्‍स को उकसाएगा कि वे चीन की शक्तिशाली सेना का मुकाबला करें। अमेरिका के दूर रहने की वजह ताइवान होगा जहां वह पहले ही मात खा चुका होगा। इस खबर में कहा गया है कि चीन युद्ध शुरू करने से पहले वर्ष 2028 की समयसीमा रखेगा। सोहू की खबर में कहा गया है कि चीन की महत्‍वाकांक्षा सेनकाकू द्वीप समूह पर कब्‍जा करने की है जो जापान के नियंत्रण में है। इसके लिए चीन वर्ष 2040 से 2050 के बीच में चौथा युद्ध शुरू करेगा। इसके बाद उसकी बाहरी मंगोलिया को लेकर कार्रवाई शुरू होगी जो साल 2045 से लेकर 2050 के बीच होगी। सबसे अंत में चीन रूस के साथ जंग में जाएगा जो वर्ष 2055 से 2060 के बीच में हो सकती है। सोहू ने दावा किया कि इस जंग में चीनी सेना रूस को मात दे देगी।


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