पेरिस करीब 70 साल से फ्रांस की कैथलिक चर्च में ऐसा हाहाकार मचा हुआ है जिसके बारे में किसी को भनक तक नहीं लगी। दशकों बाद इससे जुड़ी एक रिपोर्ट सामने तैयार है। इसकी रिलीज से पहले रोंगटे खड़े देने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। एक स्वतंत्र आयोग ने अपनी इस रिपोर्ट में खुलासा किया है कि 1950 के बाद से चर्च में 2,900 से 3,200 की संख्या में ऐसे पादरी या सदस्य मौजूद रहे जो मासूम बच्चों को अपनी हवस का शिकार बनाते थे। इसकी गंभीरता का पता इससे चलता है कि आयोग ने अपने इस आकलन को 'न्यूनतम' बताया है यानी असली संख्या कहीं ज्यादा हो सकता है। चर्च, कोर्ट और पुलिस रेकॉर्ड्स और गवाहों के बयानों के आधार पर करीब ढाई साल तक की गई रिसर्च के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई है। जीन-मीर्ज सुआव के मुताबिक 2500 पन्नों की इस रिपोर्ट में ज्यादा से ज्यादा सटीकता से अपराधियों और पीड़ितों की संख्या बताने की कोशिश की गई है। चर्च में कैसे डटे रहे? इसमें यह भी देखा गया है कि चर्च के अंदर कैसी प्रक्रिया थी, संस्थागत या सांस्कृतिक, जिसकी वजह से इन अपराधियों को बने रहने का मौका मिला। रिपोर्ट में इससे जुड़े 45 प्रस्ताव भी दिए गए हैं। फ्रांस कैथलिक चर्च ने साल 2018 में इसके लिए स्वतंत्र आयोग का गठन किया था जब बड़ी संख्या में प्रकरण होने पर बवाल खड़ा हो गया था। कुछ ही महीनों में आने लगे फोन वहीं, पोप फ्रांसिस ने भी कहा था कि जो लोग कैथलिक चर्च में इस तरह की घटनाओं के बारे में जानते हैं, वे अपने सीनियर्स को जानकारी दें। करीब 22 कानूनी जानकारों, डॉक्टरों, इतिहासकार, सोसियॉलजिस्ट और थियॉलजियन्स ने मिलकर 1950 के बाद से बच्चों के खिलाफ हुए यौन अपराधों का पता लगाने के लिए काम किया। बनने के कुछ वक्त बाद गवाहों के बयान लिए गए और एक टेलिफोन हॉटलाइन शुरू की गई। तब इसके पास कुछ ही महीनों में हजारों फोन आने लगे।
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