
दुबई संयुक्त अरब अमीरात की सरकार ने ऐलान किया है कि वह कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने वाले फ्रंटलाइन वर्कर्स और उनके परिवारों को गोल्डन वीजा का तोहफा देगा। यूएई की सरकार ने कहा कि वह फ्रंटलाइन हीरोज के कोरोना के खिलाफ जंग में प्रयासों की सराहना करती है। यूएई सरकार के इस फैसले से हजारों भारतीय नर्स, डॉक्टरों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को फायदा मिलने की उम्मीद है। खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यूएई सरकार की ओर से जारी ताजा दिशानिर्देशों में कहा गया है कि जिन लोगों ने कोरोना वायरस से जान गंवा दी या इस जानलेवा वायरस से देश को बचाने में मदद की, वे लोग गोल्डन वीजा के लिए योग्य माने जाएंगे। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लाइसेंस प्राप्त डॉक्टर जुलाई 2021 से सितंबर 2022 के बीच आधिकारिक वेबसाइट smartservices.ica.gov.ae.पर आवेदन कर सकते हैं। गोल्डन वीजा से अत्यंत प्रशिक्षित वर्कर्स के लिए राह बहुत आसान हुई इसमें यह भी कहा गया है कि जो डॉक्टर दुबई में सेवा देते हैं, वे इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए smart.gdrfad.gov.ae.वेबसाइट पर जा सकते हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबी अवधि के वीजा को देखने वाले प्रासंगिक विभाग वीजा जारी करने से पहले आवेदन की जांच करेंगे। खलीज टाइम्स ने कहा कि इस मानवीय कदम से फ्रंटलाइन वर्कर्स और उनके परिवारों में स्थिरता आएगी। यूएई ने इससे पहले गोल्डन वीजा कार्यक्रम की शुरुआत की थी ताकि विदेशी नागरिक बिना किसी कंपनी के स्पांसरशिप और 25 साल तक के बच्चे यहां रह सकें और काम कर सकें। यूएई ने अपनी नीतियों में यह बड़ा बदलाव किया था। इससे पहले केवल कुछ ही लोगों को लंबे समय तक के लिए रहने के लिए वीजा जारी किया जाता था। ये वे लोग होते थे जो बड़े पैमाने पर यूएई में निवेश करते थे। अब गोल्डन वीजा से निवेशकों और अत्यंत प्रशिक्षित वर्कर्स के लिए राह बहुत आसान हो गई है।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3EBm4sj
via IFTTT
No comments:
Post a Comment