कराची पाकिस्तान के अशांत दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर खून की होली खेली गई है। बंदूकधारियों ने अपहरण करने के बाद कम से कम 11 कोयला खनिकों की रविवार को गोली मारकर हत्या कर दी। पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने पुलिस के हवाले से कहा कि अपने काम पर जा रहे इन खनिकों का अज्ञात बंदूकधारियों ने अपहरण कर लिया और माछ इलाके में पास की पहाड़ियों पर ले जाकर उन्हें गोली मार दी। इससे पहले पाकिस्तान के 7 सैनिकों की बलूच विद्रोहियों ने हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार इनमें से छह खनिकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई तथा गंभीर रूप से घायल पांच अन्य की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस, फ्रंटियर कोर और जिला प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जाम कमाल खान ने इस घटना की निंदा की है और संबंधित अधिकारियों से जांच रिपोर्ट मांगी है। 'बलूचों के राष्ट्रीय हित के खिलाफ पाकिस्तान के पंजाबी बना रहे रोड' इससे पहले पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के हरनाई में स्थित फ्रंटियर कोर के शारिग पोस्ट पर हुए भीषण हमले की जिम्मेदारी विद्रोही गुट बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ली थी। बीएलए ने अपने बयान में चेतावनी दी कि कोहलू-कहान रोड को अगर बनाया गया तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। बलूच संगठन ने कहा कि इस रोड को बलूचों के राष्ट्रीय हित के खिलाफ पाकिस्तान के पंजाबी बना रहे हैं और उन्हें पाकिस्तानी सेना संरक्षण दे रही है। बीएलए के इस हमले में 7 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। बीएलए की ओर से सोशल मीडिया पर जारी तस्वीरों में नजर आ रहा है कि हमले के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों के कपड़े उतार लिए गए और उनके हथियार तक को छीन लिया गया था। बीएलए ने कहा कि उसने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर कोहलू-कहान रोड को बनाया गया तो इसका बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसलिए सेना की मदद से इस सड़क को बना रही पाकिस्तानी कंपनियों को निर्माण कार्य बंद कर देना चाहिए। 'बलूचिस्तान पर कब्जा करने में पाकिस्तानी सेना की मदद नहीं करें' बीएलए ने कहा कि बलूचों के राष्ट्रीय संपदा को लूटने का इरादा रखने वाली पाकिस्तानी ताकतों के खिलाफ बलूचिस्तान की आजादी तक संघर्ष जारी रहेगा। उसने चेतावनी दी कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ इस तरह के हमले आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने स्थानीय लोगों और पाकिस्तानी कंपनियों से अपील की कि वे बलूचिस्तान पर कब्जा करने में पाकिस्तानी सेना की मदद नहीं करें। इससे पहले शनिवार देर रात बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना के पोस्ट पर हमला कर सात जवानों की हत्या कर दी। इसके बाद स्थानीय लोगों से बदला लेने पर आमादा पाकिस्तानी सेना ने पूरे क्षेत्र में व्यापक अभियान छेड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ऐसे अभियानों के जरिए यहां के आम लोगों के घरों में घुसकर उनसे न केवल अभद्रता करती है जबकि विरोध करने पर लोगों को आतंकी बताकर गोली मार देती है।
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