इस्लामाबाद ने देश में प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दलों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि देश की सेना के खिलाफ अपमानजनक बयान देने वाले लोगों के खिलाफ 72 घंटे के अंदर मामले दायर किए जाएंगे। पाकिस्तान के 11 विपक्षी दलों के गठबंधन ‘पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट’ (पीडीएम) ने पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान की सेना की और राजनीतिक मामलों में उसकी दखलंदाजी की कटु आलोचना की है। पीडीएम का आरोप है कि सेना ने 2018 में "धांधली वाले चुनाव में ‘कठपुतली’ प्रधानमंत्री इमरान खान को पद पर बैठाया। गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने शनिवार को अपने गृहनगर रावलपिंडी में बयान दिया। उनके हवाले से एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने लिखा, "सशस्त्र बलों के खिलाफ खराब भाषा का इस्तेमाल करने वाले लोगों के खिलाफ 72 घंटे में मामले दायर किए जाएंगे।" सशस्त्र बलों ने देश को बंधक बना लिया: मौलाना फजलुर रहमान इससे एक दिन पहले ही पीडीएम प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कहा था कि सशस्त्र बलों ने देश को बंधक बना लिया है। पीडीएम प्रमुख फजलुर रहमान ने कहा कि पीडीएम के भीतर गतिरोध की बात गलत है। उन्होंने यह भी कहा है कि इमरान खान और उनकी नाजायज सरकार से देश को छुटकारा दिलाने के लिए पीडीएम दृढ़ है। उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि विपक्ष का आंदोलन अब केवल प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार पर ही नहीं बल्कि 'उनके समर्थकों' के खिलाफ भी होगा।
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