Tuesday, 13 April 2021

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दुनिया में कुछ देश ऐसे हैं जो अपनी गोपनीयता के लिए ही मशहूर हैं। उत्तर कोरिया शायद उनमें सबसे आगे हो। इसके तानाशाह किम जोंग उन को लेकर ऐसी कई कहानियां प्रचलित हैं। वहीं, देश के अंदर एक जगह ऐसी भी है जिसके बारे में गिने-चुने लोगों को ही पता होगा और यहां आने-जाने की इजाजत होगी। वर्कर्स पार्टी की बिल्डिंग के अंदर स्थित है 'रूम 39'। कड़ी निगरानी में इसके अंदर क्या चलता है, यह अपने आप में एक रहस्य है।

उत्तर कोरिया पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का कहना है कि राजनीतिक समर्थन हो या परमाणु प्रोग्राम की फंडिंग, सब इसी रूम-39 से आता है। यहां होने वाली गतिविधियों की देख-रेख का जिम्मा है किम जोंग की बहन किम यो जोंग (Kim Yo Jong) का।


North Korea Room 39: सोने की तस्करी से लेकर फर्जी वियाग्रा तक, Kim Jong Un की अमीरी के पीछे यह 'गुप्त' कमरा, बहन के हाथ में कमान

दुनिया में कुछ देश ऐसे हैं जो अपनी गोपनीयता के लिए ही मशहूर हैं। उत्तर कोरिया शायद उनमें सबसे आगे हो। इसके तानाशाह किम जोंग उन को लेकर ऐसी कई कहानियां प्रचलित हैं। वहीं, देश के अंदर एक जगह ऐसी भी है जिसके बारे में गिने-चुने लोगों को ही पता होगा और यहां आने-जाने की इजाजत होगी। वर्कर्स पार्टी की बिल्डिंग के अंदर स्थित है 'रूम 39'। कड़ी निगरानी में इसके अंदर क्या चलता है, यह अपने आप में एक रहस्य है।



बहन के हाथ में कमान
बहन के हाथ में कमान

कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि किम जोंग उन की ऐश-ओ-आराम की जिंदगी इसे कमरे से चलती है। दरअसल, इनके मुताबिक यहां चलता अवैध व्यापार जिससे हर साल अरबों डॉलर की करंसी इधर से उधर की जाती है। उत्तर कोरिया पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का कहना है कि राजनीतिक समर्थन हो या परमाणु प्रोग्राम की फंडिंग, सब इसी रूम-39 से आता है। यहां होने वाली गतिविधियों की देख-रेख का जिम्मा है किम जोंग की बहन किम यो जोंग (Kim Yo Jong) का।



चलते हैं क्या-क्या धंधे?
चलते हैं क्या-क्या धंधे?

विदेशी निवेश, अवैध व्यापार, टैक्स चोरी के जरिए यहां विदेश करंसी का रिजर्व तैयार किया गया है। इसके बल पर पार्टी सत्ता में रहती है। डेली एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक अमेरिकी इंटेलिजेंस ऑफिसरों ने कई साल इसकी सिक्यॉरिटी को भेदने की कोशिश की ताकि इसके सच से पर्दा उठाया जा सके लेकिन ज्यादा सफलता नहीं मिली। रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां सोने और जिंक से लेकर कृषि और मछली निर्यात तक का व्यापार होता है। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक यहां फर्जी वियाग्रा से लेकर नशीले पदार्थों तक में डीलिंग की जाती है।



किम जोंग उन के पिता ने बनाया था
किम जोंग उन के पिता ने बनाया था

इस संगठन को किम जोंग इल ने 1974 में शुरू किया था। इसका आधिकारिक नाम सेंट्रल कमिटी ब्यूरो 39 बताया जाता है लेकिन इसे रूम-39 के अलावा ऑफिस-39, ब्यूरो-39 या डिविजन-39 भी कहा जाता है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि विदेशों में काम करने वाले उत्तर कोरियाई लोगों, यहां तक की राजनयिकों को एक तय रकम यहां भेजनी होती है। जब अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंधों के कारण देश की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है, रूम-39 किम परिवार के लिए एक बड़ा खजाना बना हुआ है।





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