लंदन रूस और यूक्रेन में जारी तनाव के बीच अब ब्रिटेन भी कूद पड़ा है। ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स ने अपने सबसे अडवांस टाइफून लड़ाकू विमानों को रोमानिया में तैनात करने का प्लान बनाया हुआ है। ब्रिटिश आर्मी के चीफ ने बताया है कि ये विमान काला सागर के आसपास के इलाकों में आसमान की निगरानी करेंगे। बता दें कि रोमानिया में ब्रिटेन का पहले से ही एक मिलिट्री बेस है। यहीं से ब्रिटिश लड़ाकू विमान और ड्रोन उड़ान भरकर सीरिया में आईएसआईएस के खिलाफ ऑपरेशंस को अंजाम देते हैं। रोमानिया में तैनात होंगे ब्रिटिश टाइफून ब्रिटिश एयरफोर्स ने बताया है कि इन टाइफून लड़ाकू विमानों को नंबर 1 एक्सपेडिशनरी लॉजिस्टिक्स स्क्वाड्रन और नंबर 2 मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट स्क्वाड्रन के सैनिक सहायता प्रदान करेंगे। इन्हें इस हफ्ते ही ब्रिटेन के अलग-अलग एयरबेस से हटाकर रोमानिया में तैनात किया जाएगा। ब्रिटेन ने इसे नियमित तैनाती बताया है, हालांकि विशेषज्ञों ने इसे रूस की बढ़ती आक्रामक नीति के जवाब में उठाया गया कदम बताया है। यूक्रेन के साथ युद्धाभ्यास करने जाएंगे 100 ब्रिटिश सैनिक ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि टाइफून लड़ाकू विमानों की तैनाती हर साल होने वाले नाटो के एयर पुलिसिंग मिशन ऑपरेशन बिलॉक्सी का हिस्सा है। इस साल गर्मियों के मौसम में यूक्रेन के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास करने के लिए 100 से अधिक ब्रिटिश आर्मी के जवान कीव जाएंगे। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऑपरेशन बिलॉक्सी हमारे सहयोगी देशों के हवाई क्षेत्र की निगरानी के लिए नाटो साउथ एयर पुलिसिंग मिशन के समर्थन का हिस्सा है। पुतिन के साथ बातचीत का इंतजार कर रहे यूक्रेनी राष्ट्रपति कल रात यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि वे पुतिन के साथ बातचीत का अब भी इंतजार कर रहे हैं। जेलेंस्की ने बातचीत का यह अनुरोद 3 हफ्ते पहले रूसी सेना के मोर्टार हमले में अपने चार सैनिकों की मौत के बाद किया था। यूक्रेनी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा कि हम बहुत उम्मीद करते हैं कि पुतिन बातचीत करने से इनकार नहीं करेंगे। रूस ने यूक्रेन बॉर्डर पर तैनात किए हैं 80000 जवान यूक्रेनी सरकार ने दावा किया है कि रूस ने पूर्वी बॉर्डर पर 41,000 और क्रीमिया में 42 हजार सैनिकों को तैनात किया है। जिसके बाद से यूक्रेन ने भी अपने फॉरवर्ड इलाकों में सैनिकों की तादाद को बढ़ा दिया है। खुद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने बॉर्डर इलाके का दौरा कर सैनिकों का हौसला बढ़ाया है। हालांकि, क्रेमलिन ने दावा किया है कि सैनिकों की तैनाती एक युद्धाभ्यास का हिस्सा है। इससे किसी को कोई भी खतरा नहीं है। 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया पर कब्जा कर चुका है रूस साल 2014 में रूस के पूर्वी यूक्रेन (क्रीमिया) पर कब्जे के दौरान हुए संघर्ष में 14000 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से ज्यादातर यूक्रेन के निवासी थे। रूस पूर्वी यूक्रेन के क्षेत्रों में 28,000 हथियारबंद लोगों को भी तैनात किए हुए है। इन लोगों को डॉनबास के रूप में जाना जाता है। ये लोग साल 2015 से यूक्रेनी सरकार के खिलाफ सशस्त्र जंग छेड़े हुए हैं।
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